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नाम है विख्यात जग रखवाली भजन लिरिक्स

नाम है विख्यात जग रखवाली भजन

(तर्ज-रेशमी सलवार)


नाम है विख्यात जग रखवाली का,
आवरा महाशक्त शक्तिशाली का।।


जो कोई शरण आवे,
लूले लंगड़े और पंगे,
काया पलट पल भर में,
झट हो जावे चित चंगे,
दरश कर काली का ।।
आवरा महाशक्त शक्तिशाली का……..


नाम है विख्यात जग रखवाली का,
आवरा महाशक्त शक्तिशाली का।।


चहु दिश कीर्ति छाई,
जले जग में जोत सवाई,
सुर मुनि के मन को मोहे,
लख श्रृंगार की चतुराई,
रूप कंकाली का ।।
आवरा महाशक्त शक्तिशाली का……..


नाम है विख्यात जग रखवाली का,
आवरा महाशक्त शक्तिशाली का।।


जो हित चित से कोई ध्यावे,
अध् कोटि-कोटि कट जावे।
मुख अम्बे-अम्बे गावे,
अंतिम में अचल पद पावे,
नाम प्रतिकाली का।।
आवरा महाशक्त शक्तिशाली का……..


नाम है विख्यात जग रखवाली का,
आवरा महाशक्त शक्तिशाली का।।


कवि चेनराम हर बारी,
मैया है शरण तिहारी।
कहे नाथुपुरी है पुजारी,
हम को है भरोसा भारी को,
खप्पर वाली का ।।
आवरा महाशक्त शक्तिशाली का……..


नाम है विख्यात जग रखवाली का,
आवरा महाशक्त शक्तिशाली का।।


भजन भंडार


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