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बिणजारी ऐ हस हस बोल बाता थारी रह जासी — भजन लिरिक्स

बिणजारी ऐ हस हस बोल,
प्यारी प्यारी बोल,
बाता थारी रह जासी,
म्हाने सौदागर मती जाण,
बाता थारी रह जासी।।


कंठी माला काठ की रे,
ज्या में रेशम सूत,
सूत बेचारा क्या करे,
ज्यारै काटन वाला कपूत,
बाता थारी रह जासी।।


बिणजारी ऐ हस हस बोल,
राजी राजी बोल,
बाता थारी रह जासी।।


रामा थारे बाग में, रे लाम्बा पेड़ खजूर,
चढ़े तो मेवा चकले,
पड़ता रा चकनाचूर,
बाता थारी रह जासी।।


बिणजारी ऐ हस हस बोल,
राजी राजी बोल,
बाता थारी रह जासी।।


बालपणे भज्यो नहीं, रे कियो ना हरी से हेत,
अब पछताया क्या होय,
चिड़िया चुग गी खेत,
बाता थारी रह जासी।।


बिणजारी ऐ हस हस बोल,
राजी राजी बोल,
बाता थारी रह जासी।।


बालद थारी लद गई हो, गई लागम लाग,
रामानंद रा भण कबीरा,
बैठी मोजा मार,
बाता थारी रह जासी।।


बिणजारी ऐ हस हस बोल,
प्यारी प्यारी बोल,
बाता थारी रह जासी,
म्हाने सौदागर मती जाण,
बाता थारी रह जासी।।


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