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सदा रहो अलमस्त भजन में पी लेना बूँटी बूँटी लिरिक्स

सदा रहो अलमस्त भजन में,
पी लेना बूँटी बूँटी,
सदा रहो अलमस्त भजन में,
पी लेना बूँटी बूँटी,


काहे का सोटा काहे का कुंडा,
काहे से मै रगड़ू ये बूँटी,
काहे का रुमाल बनाकर,
काहे से में छानु ये बूँटी,
सदा रहो अलमस्त भजन में,
पी लेना बूँटी बूँटी,


सत्य का सोटा धर्म की कुण्डी,
नाम से रगड़ो ये बूँटी,
अखियन का रुमाल बनाकर,
प्रेम से छानो ये बूँटी,
सदा रहो अलमस्त भजन में,
पी लेना बूँटी बूँटी,


धन्ना ने पी लेइ सदना ने पी लेइ,
मीरा ने पी लेई ये बूँटी,
दास कबीर ने ऐसी पी लेई,
रोम-रोम में लव लूटी,
सदा रहो अलमस्त भजन में,
पी लेना बूँटी बूँटी,


ब्रह्मा ने पी लई विष्णु ने पी लई,
शंकर ने पी लई ये बूँटी,
हनुमान में ऐसी पी लई,
सोने की लंका वो लूटी,
सदा रहो अलमस्त भजन में,
पी लेना बूँटी बूँटी,


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