Posted in

एकण बार आइजो सतगुरु भजन लिरिक्स

दोहा-संत हमारे सिरधणी,
में संतन की देह।
रोम रोम में रम रया,
प्रभु ज्यू बादल में मेह।।


एकण बार आइजो,
सतगुरु बारंबार आइजो। 
धीन गुरूसा म्हारे देश में ओ जी।।


सतगुरु म्हारा फुलड़ा रे,
धीन म्हारा फुलड़ा।
कोई फुलड़ा मोयली वासना ओ जी।।


एकण बार आइजो सतगुरु……..


सतगुरु म्हारी गंगा रे,
धीन गुरु म्हारी गंगा।
कोई गंगा मोयली गोमती ओ जी।।


एकण बार आइजो सतगुरु……..


सतगुरु म्हारी माला रे,
दाता म्हारी माला। 
कोई माला मोयला मुंगिया ओ जी।।


एकण बार आइजो सतगुरु……..


सतगुरु म्हारा देवल रे,
धीन गुरु म्हारी देवल।
कोई देवल मोयला देवता ओ जी ।।


एकण बार आइजो सतगुरु……..


सतगुरु म्हारा बादल रे,
धीन गुरु म्हारा बादल। 
कोई बादल मोयला बिजली ओ जी।।


एकण बार आइजो सतगुरु……..


सतगुरु रो प्रताप ओ म्हारे,
धीन गुरु रो प्रताप।
कोई जीवन जोशी बोलिया ओ जी।।


एकण बार आइजो सतगुरु……..


भजन भंडार 


एकण बार आइजो सतगुरु भजन लिरिक्स

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *