Posted in

दो दिन की जिन्दगी है दो दिन का मेला भजन लिरिक्स

क्या लेके आया बन्दे,
क्या लेके जायेगा,
दो दिन की जिन्दगी है,
दो दिन का मैला,


ईस जगत सराऐ मे,
मुसाफीर रहना दो दिन का,
क्यों बिरथा करे गुमान,
मुरख धन और जोबन का,
नहि है भरोसा पल का,
गफलत का खेला,
दो दिन की जिन्दगी है,
दो दिन का मैला,


वो कहाँ गऐ बलवान,
तीन पग धरती तोलणियाँ,
ज्यारी पड़ती धाक नहि था,
कोई सामे बोलणियाँ,
निर्भय जो डोलणियाँ,
नर गया है अकेला,
दो दिन की जिन्दगी है,
दो दिन का मैला,


ना सेल सका कोइ,
माया गिणी गिणाई है,
वे गढ कोटा की निव छोडग्या,
चिणी चिणाई ने,
मीणी मीणाई संग,
चले ना अकेला,
दो दिन की जिन्दगी है,
दो दिन का मैला,


ईस काया का है भाग,
भाग बिन खाया नहीं जाता,
कहे शर्मा बिना नसिब तोड़,
फल लाया नहीं जाता,
गाया नहि जाता बंधा,
हरि गुण गाले,
दो दिन की जिन्दगी है,
दो दिन का मैला,


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *