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बारम्बार करू में थाने विनती भजन लिरिक्स

बारम्बार करू में थाने विनती,
म्हारी जोगणिया ऐ माँ,
ओ म्हारी जगदम्बा ए माँ,
कठे तो लगाईं अतरी देर हो मैया जी


काई थारो रथड़ो अटक्यो रेत में,
म्हारी जोगणिया ऐ माँ,
काई थाने भगत लिया घेर,
ओ जगदम्बा।।


बारम्बार करू में थाने विनती……


काई थारे पग में कांटो भागियो,
म्हारी जोगणिया ऐ माँ,
काई थारो थक गयो शेर,
ओ जगदम्बा।।


बारम्बार करू में थाने विनती……


काई थे तो सुता सुख भर नींद में,
म्हारी जोगणिया ऐ माँ,
काई थे तो काना सु होगा बेर,
ओ जगदम्बा।।


बारम्बार करू में थाने विनती…… 


दुर्गा मंडल री सुणजो विनती,
म्हारी जोगणिया ऐ माँ ,
राखो म्हारी चुड़ला पे मेर 
ओ मैया जी।


बारम्बार करू में थाने विनती,
म्हारी जोगणिया ऐ माँ,
ओ म्हारी जगदम्बा ए माँ,
कठे तो लगाईं अतरी देर हो मैया जी


भजन भंडार


बारम्बार करू में थाने विनती भजन

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