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भजना में जावा कोनी दे,
सतसंग में जावा कोनी दे,
आछी तो परणाइ रे नुगरा माल में,
के तो होती रे बन री रोझडी,
देती हरियो-हरियो घास,
आयोड़ा साधुड़ा ने राह बतावती,
भजना में जावा कोनी दे……..
के तो होती रे बन री बावडिया,
देती ठंडो-ठंडो नीर,
आयोड़ा साधुड़ा पानी पिवता,
भजना में जावा कोनी दे……..
के तो होती रे बन री लकड़िया,
देती तपियो-तपियो ताप,
आयोड़ा साधुड़ा धुणी तापता,
भजना में जावा कोनी दे……..
के तो होती रे बन री पिपली,
देती ठंडी-ठंडी छाव,
आयोड़ा साधुड़ा छाया बेठता,
भजना में जावा कोनी दे……..
के तो होती रे बागा री कोयला,
देती मीठी-मीठी राग,
आयोड़ा साधुड़ा वाणी सुणता,
भजना में जावा कोनी दे……..
राणी रूपा दे री सुणज्यो बिनती,
राखो चरणा रे माय,
आयोडा साधुडा री चरणा सेवती,
भजना में जावा कोनी दे……..