Posted in

घणी – घणी खम्मा म्हारी आवरा मात ने लिरिक्स

घणी-घणी खम्मा म्हारी आवरा मात ने,
चालो भाया चाला आपा आवरा मात रे-2,
अरे शरणा में आयो मैया-2,
आयो थारे बारने बाटा जोवे टाबर मैया,
आवो म्हारे आंगने-2,

रंग बिरंगी मैया चुनड़ी ओढाउ,
पग री पायलिया बिछिया,
चुडिया में लाउ,
फुला रो हार मैया-2,
लायो थारे आज में,
बाटा जोवे टाबर मैया…

चरणा रो दास मैया  जनम-जनम सु,
मेरो मद मेलो माणि,
मानु थाने मन सु,
थारो ही सहारो मैया-2,
हु मैं थारो दास रे,
बाटा जोवे टाबर मैया…

नगरी चित्तोड़ मैया गणि है सुहावनी,
दुखिया रा दुखड़ा मेटे बैठी ठकरानी,
थारी तो महिमा मैया-2,
मेंटी कोनी जाय रे,
बाटा जोवे टाबर मैया…

कलजुग में परचा थारा मोटा है मावड़ी,
पार लगा दे मैया बोले मेरी नावड़ी,
भगता पे महर करजो-2,
गावे थारो दास यो,
बाटा जोवे टाबर मैया…

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *